ग्रंथियां

 पीयूष ग्रंथि
यह पश्च मस्तिष्क में पाई जाती है तथा मटर के दाने जैसी एक गहरी लाल रंग की होती है इसमें मटर ग्रंथि भी कहते हैं क्योंकि यह शरीर के अन्य ग्रंथियों में नियंत्रण का कार्य करती है पीयूष ग्रंथि के दो भागों में बांटा जाता है अगर भाग और पश्चिमी भाग प्रथम अगर भाग्य बारे में पड़ेंगे अगर भाग एडेनौहाइपोफिसिस अगर बागे डीनो हाइपोफिसिस हार्मोन शो मे टो ट्रेफिक हारमोंस कार्य शरीर की लंबाई बढ़ाना अधिकता से रोग भीम का अतिका एकता एक रोमिली अकेली लक्षण शरीर की लंबाई अधिक हो जाती है कमी से रोग बौनापन प्रोलेक्टिन कार्य स्तन ग्रंथियों में दूध का निर्माण करना दूसरी आती है पश्चिम भाग न्यूरो हाइपोफिसिस ऑक्सीटॉसिन कार्य दूध का रावण गर्भाशय की भर्तियों में संकुचन द्वारा प्रसव पीड़ा कराना तथा पशु करवाना वैसलीन कार्य शरीर में जल की मात्रा नियंत्रण
 थायराइड ग्रंथि
यह ग्रंथ इस ऑप्शनली के दोनों ओर पाई जाती है हार्मोन थायरोक्सिन यह हार्मोन आयोडीन की उपस्थिति में बनता है अतः प्रतिदिन हमारे शरीर को 120 माइक्रोग्राम आयोडीन की जरूरत होती है थायरोक्सिन के कार्य उपापचय क्रिया पर नियंत्रण हृदय की धड़कन बढ़ाना वरुण के मस्तिष्क का विकास करना इसकी कमी से रोग गर्ल कंठ गंगा गाइडर लक्षण आयोडीन की कमी के कारण थायराइड ग्रंथि सोचकर फूल जाती है जिसे गला लटक जाता है यह रोग अधिकतर पहाड़ी क्षेत्रों में होता है क्रिश्चियनिज्म आयोडीन की कमी के कारण मंदबुद्धि बालक जिसके मस्तिष्क का विकास पूर्ण नहीं होता है अधिकता से रोग नेत्रों स्थान आयोडीन की अधिकता के कारण आंखें खोल कर बाहर की ओर आ जाती है तथा नजरें डरावनी हो जाती है थायराइड ग्रंथि एक मात्र 2 जोड़ी के रूप में पाई जाती है इसके द्वारा स्थापित होने वाला हार्मोन हार्मोन कार्य हमारे शरीर में रक्त के अंदर कैल्शियम की मात्रा का नियंत्रण करता है इसके अधिकता से रोग कमजोर हो जाती जो सामान्य बच्चों में होता है कमी से रोग पीनियल ग्रंथि पाई जाती इसका जाता है इसके द्वारा स्रावित हार्मोन कार्य हमारे शरीर में निर्माण विभाग में पाई जाती है मोहसिन हार्मोन स्रावित करती है तथा शरीर में प्रतिरक्षा तंत्र को रोगों से लड़ने की क्षमता पर नियंत्रण करती है जो जो हमारी आयु बढ़ती जाती है कारण माना जाता है अग्नाशय ग्रंथि दीप अल्फा कोशिकाएं गोलू का गोना हार्मोन बीटा कोशिका इंसुलिन हार्मोन गामा कोशिकाएं सोमैटो स्टोन इन हारमोंस ग्लूकोकार्ड विनर इंसुलिन दोनों मिलकर रक्त में ग्लूकोज की मात्रा पर नियंत्रण करते हैं इंसुलिन की कमी से रोग डायबिटीज और मधु में होता है ऐड नलीनकंठी हमारी किडनी के ऊपर पाई जाती है जिससे एड्रीनलीन हार्मोन स्रावित होता है इसका कार्य उपापचय क्रिया पर नियंत्रण हृदय की धड़कन को बढ़ाना इससे संकटमोचक तथा जीवन रक्षक हार्मोन कहते हैं क्योंकि अचानक आने वाले संकट से में लड़ने की सहायता देता है

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